रामनगर में पासपोर्ट बनाने के लिए एलआईयू रिपोर्ट लगाने के एवज में दो हजार रुपये रिश्वत लेते हुए एलआईयू दरोगा और मुख्य आरक्षी को विजिलेंस टीम ने रंगेहाथों दबोच लिया। कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम को निदेशक सतर्कता ने इनाम देने की घोषणा की है।
सीओ विजिलेंस अनिल मनराल ने बताया कि शिकायतकर्ता ने सतर्कता अधिष्ठान में शिकायत की थी। इसमें कहा गया था कि पासपोर्ट बनाने के लिए अभिसूचना इकाई रामनगर की ओर से सत्यापन किया जाना था। सत्यापन कराने के एवज में एलआईयू दरोगा सौरभ राठी ने ढाई हजार रुपये रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायतकर्ता 19 जुलाई को दोबारा उपनिरीक्षक से मिलने गया जिस पर इस बार दो हजार रुपये रिश्वत देने को कहा गया।
सीओ विजिलेंस ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद जांच कराई गई जिसमें तथ्य सही पाए जाने पर निरीक्षक ललिता पांडे के नेतृत्व में ट्रैप टीम का गठन किया गया। शिकायतकर्ता से रिश्वत लेने पर ट्रैप टीम ने कार्रवाई करते हुए अभिसूचना इकाई रामनगर के उपनिरीक्षक सौरभ राठी और मुख्य आरक्षी गुरप्रीत सिंह को रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत कर जांच की जा रही है।
कोई रिश्वत मांगे तो करें शिकायत
सीओ विजिलेंस अनिल मनराल ने बताया कि निदेशक सतर्कता डाॅ. वी. मुरुगेशन ने ट्रैप टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की। साथ ही उन्होंने अपील की है कि यदि किसी भी विभाग का कर्मचारी काम करने के एवज में रिश्वत मांगे तो सतर्कता अधिष्ठान के टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1064 और वाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 94565-92300 पर सूचना दें।
पहले भी हो चुकी हैं सीएम पोर्टल पर शिकायतें
पासपोर्ट बनाने के लिए एलआईयू रिपोर्ट लगाने के एवज में पहले भी कई लोग ने रुपये की मांग करने की सीएम पोर्टल पर शिकायत कर चुके है। सीएम पोर्टल पर हुई शिकायतों पर जांच तो हुई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। सूत्रों के अनुसार लंबे समय से एलआईयू रिपोर्ट लगाने के एवज में रिश्वत ली जाती रही है। एक शिकायत पर छह माह पहले एलआईयू दरोगा को कालाढूंगी भेजा गया था लेकिन महज 10 दिन के बाद वह फिर वह रामनगर आ गए थे।





